Tuesday, 20 January 2015

भारत का नाम भारत कैसे पड़ा आइये जानते है।

इस पृष्ठ का ध्यान रखें

चंद्रवंश एक प्रमुख प्राचीन भारतीय क्षत्रियकुल।

आनुश्रुतिक साहित्य से ज्ञात होता है। कि आर्यों के प्रथम शासक (राजा) वैवस्वत मनु हुए। उनके नौ पुत्रों से सूर्यवंशी क्षत्रियों का प्रारंभ हुआ। मनु की एक कन्या भी थी - इला। उसका विवाह बुध से हुआ जो चंद्रमा का पुत्र था। उनसे पुरुरवस्‌ की उत्पत्ति हुई, जो ऐल कहलाया और चंद्रवंशियों का प्रथम शासक हुआ। उसकी राजधानी प्रतिष्ठान थी, जहाँ आज प्रयाग के निकट झूँसी बसी है। पुरुरवा के छ: पुत्रों में आयु और अमावसु अत्यंत प्रसिद्ध हुए। आयु प्रतिष्ठान का शासक हुआ और अमावसु ने कान्यकुब्ज में एक नए राजवंश की स्थापना की। कान्यकुब्ज के राजाओं में जह्वु प्रसिद्ध हुए जिनके नाम पर गंगा का नाम जाह्नवी पड़ा। आगे चलकर विश्वरथ अथवा विश्वामित्र भी प्रसिद्ध हुए, जो पौरोहित्य प्रतियोगिता में कोसल के पुरोहित वसिष्ठ के संघर्ष में आए। आयु के बाद उसका जेठा पुत्र नहुष प्रतिष्ठान का शासक हुआ। उसके छोटे भाई क्षत्रवृद्ध ने काशी में एक राज्य की स्थापना की। नहुष के छह पुत्रों में यति और ययाति सर्वमुख्य हुए। यति संन्यासी हो गया और ययाति को राजगद्दी मिली। ययाति शक्तिशाली और विजेता सम्राट् हुआ तथा अनेक आनुश्रुतिक कथाओं का नायक भी। उसके पाँच पुत्र हुए - यदु, तुर्वसु, द्रुह्यु, अनु और पुरु। इन पाँचों ने अपने अपने वंश चलाए और उनके वंशजों ने दूर दूर तक विजय कीं। आगे चलकर ये ही वंश यादव, तुर्वसु, द्रुह्यु, आनव और पौरव कहलाए। ऋग्वेद में इन्हीं को पंचकृष्टय: कहा गया है। यादवों की एक शाखा हैहय नाम से प्रसिद्ध हुई और दक्षिणापथ में नर्मदा के किनारे जा बसी। माहिष्मती हैहयों की राजधानी थी और कार्तवीर्य अर्जुन उनका सर्वशक्तिमान्‌ और विजेता राजा हुआ। तुर्वसुके वंशजों ने पहले तो दक्षिण पूर्व के प्रदेशों को अधीनस्थ किया, परंतु बाद में वे पश्चिमोत्तर चले गए। द्रुह्युओं ने सिंध के किनारों पर कब्जा कर लिया और उनके राजा गांधार के नाम पर प्रदेश का नाम गांधार पड़ा। आनवों की एक शाखा पूर्वी पंजाब और दूसरी पूर्वी बिहार में बसी। पंजाब के आनव कुल में उशीनर और शिवि नामक प्रसिद्ध राजा हुए। पौरवों ने मध्यदेश में अनेक राज्य स्थापित किए और गंगा-यमुना-दोआब पर शासन करनेवाला दुष्यंत नामक राजा उनमें मुख्य हुआ। शकुंतला से उसे भरत नामक मेधावी पुत्र उत्पन्न हुआ। उसने दिग्विजय द्वारा एक विशाल साम्राज्य की स्थापना की और संभवत: गए देश को भारतवर्ष नाम दिया। आगे चल कर भरत हो गया था। भरत (चक्रवर्ती)राजा बान गया था।

Saturday, 17 January 2015

वीर सहीदो के नाम

पंथ कठिन है माना मैनॆ, मंज़िल ज्यादा दूर नहीं है ॥
करधन-कंगन मॆं खॊया रहना, मुझकॊ मंज़ूर नहीं है ॥
यॆ बिंदिया पायल झुमका, बॊलॊ बदलाव करॆंगॆ क्या ॥
कजरा रॆ, कजरा रॆ कॆ गानॆ, मां कॆ घाव भरॆंगॆ क्या ॥
अमर शहीदॊं का शॊणित, धिक्कार रहा है पौरुष कॊ ॥
वह धॊखॆबाज़ पड़ॊसी दॆखॊ,ललकार रहा है पौरुष कॊ ॥

श्रृँगार-गीत हॊं तुम्हॆं मुबारक, मॆरी कलम कॊ अंगार चाहियॆ ॥
भारत की रक्षा हित फ़िर सॆ, अब भगतसिंह सरदार चाहियॆ ॥

सब कुछ लुटा दिया, क्या उनकॊ घर-द्वार नहीं था ॥
भूल गयॆ नातॆ-रिश्तॆ, क्या उनकॊ परिवार नहीं था ॥
क्या राखी कॆ धागॆ का, उन पर अधिकार नहीं था ॥
क्या बूढ़ी माँ की आँखॊं मॆं, बॆटॊं कॊ प्यार नहीं था ॥
आज़ादी की खातिर लड़तॆ, वह सूली पर झूल गयॆ ॥
आज़ाद दॆश कॆ वासी, बलिदान उन्ही का भूल गयॆ ॥

उन अमर शहीदॊं कॊ पूरा-पूरा, संवैधानिक अधिकार चाहियॆ ॥
भारत की रक्षा हित फ़िर सॆ, अब भगतसिंह सरदार चाहियॆ ॥

बीत गईं जॊ काली-काली, अंधियारी रातॊं कॊ छॊड़ॊ ॥
घर कॆ गद्दारॊं सॆ निपटॊ,बाहर वाली बातॊं कॊ छॊड़ॊ ॥
बलिदानी अमर शहीदॊं पर,गर्व करॊ तुम नाज़ करॊ ॥
युवा-शक्ति आगॆ आऒ,जन-क्रान्ति का आगाज़ करॊ ॥
सारी दुनिया मॆं अपनॆ, भारत कॊ तुम सरताज करॊ ॥
गॊरॆ अंग्रॆज नहीं है इन, कालॆ अंग्रॆजॊं पर राज करॊ ॥

बहुत लुटॆ हैं हम सब, अब तॊ शॊषण का प्रतिकार चाहियॆ ॥
भारत की रक्षा हित फ़िर सॆ,अब भगतसिंह सरदार चाहियॆ ॥

जाति, धर्म, भाषा कॆ झगड़ॆ, छॊड़ॊ इनसॆ दॆश बड़ा है ॥
कर्ज उतारॊ भारत माँ का, वह सब कॆ शीश चढ़ा है ॥
कर्म करॊ कुछ ऎसा यॆ, इतिहास तुम्हॆं भी याद करॆ ॥
भारत भूमि तुमकॊ पानॆ की, ईश्वर सॆ फ़रियाद करॆ ॥
भारत माँ कॆ सपूत तुम, सीमाऒं कॆ पहरॆदार तुम्ही ॥
पृथ्वीराज कॆ शब्द-बॆध, राणाप्रताप की हुंकार तुम्ही ॥

हर नौजवान कॆ हाँथॊं मॆं अब, कलम और तलवार चाहियॆ ॥
भारत की रक्षा हित फ़िर सॆ,अब भगतसिंह सरदार चाहियॆ ॥

( वीर रस के कवि-राज बुन्दॆली जी की कविता )

दिमाग लगाओ और कॉमेंट दो।।।

👊 चैलेंज - दिमाग लगाईये 👊

अगर आप होशियार हैं तो आप इस केस को सुलझाऐं

अगर नही तो सॉरी लिख दें

एक आदमी का कत्ल 30 नवम्बर 2014
को दोपहर 3 बजे हुआ

उसकी बीवी ने पुलिस को बुलाया

पुलिस सब से सवाल पूछने लगी कि घटना के समय तुम सब कहाँ थे ?

एक एक कर सबने उत्तर दिया

बीवी -: सर मैं उस वक्त सो रही थी
जिस वक्त कत्ल हुआ

रसोइया -: मैं खाना बना रहा था

माली -: मैं फूलों में पानी दे रहा था

नौकर -: मैं बैंक गया हुआ था

बच्चे -: हम खेलने गऐ थे

पड़ोसी -: हम दूसरे शहर गऐ हुऐ थे

पुलिस ने फौरन कातिल को पकड़ लिया

उत्तर इसी पोस्ट में है

मैं आपके जवाब का इंतजार कर रहा हूँ

SAWAL ME HI JAWAB HAI

Dhyan se padhe

Saturday, 10 January 2015

Kuchh bachpan ki yaade

मेरी एक छोटी सी सोच अब आप का क्या सोचना है। अपनी राय दीजिये।।।

जब मैं छोटा था, शायद दुनिया बहुत बड़ी हुआ करती थी..
मुझे याद है मेरे घर से "स्कूल" तक का वो रास्ता,
क्या क्या नहीं था वहां, चाट के ठेले, जलेबी की दुकान, बर्फ के गोले सब कुछ, पर अब वहां
"मोबाइल शॉप","विडियो पार्लर" हैं, फिर भी सब सूना है..
शायद अब दुनिया सिमट रही है...
.
.

जब मैं छोटा था, शायद शामें बहुत लम्बी हुआ करती थीं...
मैं हाथ में पतंग की डोर पकड़े घंटों उड़ाया करता था,
वो लम्बी "साइकिल रेस" वो बचपन के खेल, वो हर शाम थक के चूर हो जाना, पर अब शाम नहीं होती, दिन ढलता है और सीधे रात हो जाती है.
शायद वक्त सिमट रहा है..
.
.

जब मैं छोटा था शायद दोस्ती बहुत गहरी हुआ करती थी..
दिन भर वो हुजूम बनाकर खेलना, वो दोस्तों के घर का खाना, वो साथ रोना, पर अब भी मेरे कई दोस्त हैं, पर दोस्ती जाने कहाँ है,
जब भी "traffic signal" पर मिलते हैं "Hi,Hello" हो जाती है, और अपने अपने रास्ते चल देते हैं।
होली, दीवाली, जन्मदिन, नए साल पर बस SMS आ जाते हैं, शायद अब रिश्ते बदल रहें हैं..
.
.

जब मैं छोटा था, तब खेल भी अजीब हुआ करते थे।
जैसे छुपन छुपाई, लंगडी टांग, पोषम पा, टिप्पी टीपी टाप टाप, पर अब "internet, office" से फुर्सत ही नहीं मिलती..
शायद ज़िन्दगी बदल रही है..
.
.

जिंदगी का सबसे बड़ा सच यही है..
जो अकसर क़ब्रिस्तान के बाहर बोर्ड पर लिखा होता है...
"मंजिल तो यही थी,
     बस
          जिंदगी गुज़र गयी मेरी यहाँ आते आते"

ज़िंदगी का लम्हा बहुत छोटा सा है...
कल की कोई बुनियाद नहीं है और आने वाला कलसिर्फ सपने में ही है..

अब बच गए इस पल में..
तमन्नाओं से भर इस जिंदगी में हम सिर्फ भाग रहे हैं. कुछ रफ़्तार धीमी करो, मेरे दोस्त,
और
इस ज़िंदगी को जियो..
खूब जियो मेरे दोस्त..... ।।

Thursday, 8 January 2015

हँसो बिंदास

शहर के सबसे बड़े बैंक में एक बार एक बुढ़िया आई।
उसने मैनेजर से कहा :- "मुझे इस बैंक में कुछ रुपये जमा करने हैं"

मैनेजर ने पूछा :- कितने हैं ?
वृद्धा बोली :- होंगे कोई दस लाख ।

मैनेजर बोला :- वाह क्या बात है, आपके पास तो काफ़ी पैसा है, आप करती क्या हैं ?
वृद्धा बोली :- कुछ खास नहीं, बस शर्तें लगाती हूँ ।

मैनेजर बोला :- शर्त लगा-लगा कर आपने इतना सारा पैसा कमाया है ? कमाल है...
वृद्धा बोली :- कमाल कुछ नहीं है, बेटा, मैं अभी एक लाख रुपये की शर्त लगा सकती हूँ कि तुमने अपने सिर पर विग लगा रखा है ।

मैनेजर हँसते हुए बोला :- नहीं माताजी, मैं तो अभी जवान हूँ और विग नहीं लगाता ।
तो शर्त क्यों नहीं लगाते ? वृद्धा बोली ।

मैनेजर ने सोचा यह पागल बुढ़िया खामख्वाह ही एक लाख रुपये गँवाने पर तुली है, तो क्यों न मैं इसका फ़ायदा उठाऊँ... मुझे तो मालूम ही है कि मैं विग नहीं लगाता ।
मैनेजर एक लाख की शर्त लगाने को तैयार हो गया ।

वृद्धा बोली :- चूँकि मामला एक लाख रुपये का है, इसलिये मैं कल सुबह ठीक दस बजे अपने वकील के साथ आऊँगी और उसी के सामने शर्त का फ़ैसला होगा ।

मैनेजर ने कहा :- ठीक है, बात पक्की...
मैनेजर को रात भर नींद नहीं आई.. वह एक लाख रुपये और बुढ़िया के बारे में सोचता रहा ।

अगली सुबह ठीक दस बजे वह बुढ़िया अपने वकील के साथ मैनेजर के केबिन में पहुँची और कहा :- क्या आप तैयार हैं ?
मैनेजर ने कहा :- बिलकुल, क्यों नहीं ?

वृद्धा बोली :- लेकिन चूँकि वकील साहब भी यहाँ मौजूद हैं और बात एक लाख की है, अतः मैं तसल्ली करना चाहती हूँ कि सचमुच आप विग नहीं लगाते, इसलिये मैं अपने हाथों से आपके बाल नोचकर देखूँगी। मैनेजर ने पल भर सोचा और हाँ कर दी, आखिर मामला एक लाख का था।

वृद्धा मैनेजर के नजदीक आई और धीर-धीरे आराम से मैनेजर के बाल नोचने लगी। उसी वक्त अचानक पता नहीं क्या हुआ, वकील साहब अपना माथा दीवार पर ठोंकने लगे ।

मैनेजर ने कहा :- अरे.. अरे.. वकील साहब को क्या हुआ ?
वृद्धा बोली :- कुछ नहीं, इन्हें सदमा लगा है, मैंने इनसे पाँच लाख रुपये की शर्त लगाई थी कि आज सुबह दस बजे मैं शहर के सबसे बड़े बैंक के मैनेजर के बाल नोचकर दिखा दूँगी।

Wednesday, 7 January 2015

Hasna jaruri h

👻👻👻👻👻👻👻👻👻👻

एक बार एक मुक्कदमे में ताई गवाह बणा दी गई।
ताई जा कर खड़ी होई,
दोनो वकील भी ताई के गाँव के ही थे !

1 वकील बोला " ताई तू मन्ने जाने है ?
ताई बोली :- हाँ भाई तू रामफूल का है ना...
तेरा बापु घणा सूधा आदमी था
पर तू निक्कमा एक नम्बर का झूठा
एर झूठ, बोल बोल कर के तूं लोग ने ठगै है।

" झूठे गवाह " बना कर के तू केस जीते से ।
तेरे से तो सारे लोग परेशान है, तेरी लुगाई भी परेशान हो कर के तन्ने छोड़ गै भाज गी

वकील बेचारा चुप हो कर के उसने सोचा
तेरी तो बेज्जती हो गई अब  दुसरे की और करा

उस वकील ने थोडी देर में
दूसरे वकील की तरफ इशारा कर के
पुछा :- " ताई "  तू इसने जाणे से के ..?

ताई बोली :-" हाँ " यो फुलीयो काणे का छोरा से इसके बापु ने निरे रपिये खर्च करके इने पढाया पर इसने 'आंक ' नही सीखा सारी उमर छोरिया क पीछै हांडे गया. इसका चक्कर तेरी बहू से भी था !

              (  कोर्ट में जनता हांसन लाग गी  )

               जज बोला :- "आर्डर आर्डर "
                 और दोनो वकील बुलाये

    जज बोला :- अगर तुम दोनो वकीलो मे से
      किसी ने भी इस ताई से यो पुछा के

               " इस जज न जाणे से "
         तो मैं थारे गोली मरवा दूँगा । ..😡

        🔫 💣 🔫 💣 🔫 💣 🔫 😳

Tuesday, 6 January 2015

जरा सावधान पढ़ें और अपने राय दे।

Media ने कभी ये बताया ??
Nestle कंपनी खुद मानती है कि वे अपनी चाकलेट kitkat मे
बछड़े के मांस
का रस
मिलाती है
_____________________________

Media ने कभी ये बताया ???
की मद्रास high cout मे fair and lovely कंपनी पर जब case
किया गया था ! तब कंपनी ने खुद माना था ! हम cream मे
सूअर
की चर्बी का तेल मिलाते है !!
______________________

Media ने कभी बताया कि
ये vicks नाम कि दवा यूरोप के कितने देशो मे ban है ! वहाँ इसे
जहर
घोषित किया गया है !पर भारत मे सारा दिन tv पर
इसका विज्ञापन
आता है !!
_____________________________

Media ने कभी बताया ??
कि life bouy न bath soap है न toilet soap ! ये
जानवरो को नहलाने
वाला cabolic soap है !
यूरोप मे life bouy से कुत्ते है !और भारत मे 9 करोड़ लोग इससे
रगड़ रगड़
कर नहाते हैं !!
_______________________

media ने कभी बताया ! ???????????
की ये coke pepsi सच मे toilet cleaner है ! और ये साबित
हो गया है
इसमे 21 तरह के अलग अलग जहर है ! और तो और संसद की कंटीन
मे
coke pepsi बेचना ban है ! पर पूरे देश मे बिक रही है !!
____________________
Media ने कभी बताया ????
कि ये healt tonic बेचने
वाली विदेशी कंपनिया boost ,complan ,horlics,maltov
a ,protinx ,
इन सबका delhi के all india institute (जहां भारत की सबसे
बड़ी लैब
है ) वहाँ इन सबका test किया गया ! और पता लगा ये सिर्फ
मुगफली के
खली से बनते है ! मतलब मूँगफली का तेल निकालने के बाद
जो उसका waste बचता है !जिसे गाँव मे जानवर खाते है ! उससे
ये health
tonic बनाते है !!
__________________________

media ने कभी बताया ??????
अमिताभ बच्चन का जब आपरेशन हुआ था और 10 घंटे चला था !
तब
डाक्टर ने उसकी बड़ी आंत काटकर निकली थी !! और डाक्टर
मे कहा था ये
coke pepsi पीने के कारण सड़ी है ! और अगले ही दिन से
अमिताभ बच्चन
ने इसका विज्ञापन करना बंद कर दिया था और आजतक coke
pepsi
का विज्ञापन नहीं करता नहीं करता !
__________________________________

Media अगर ईमानदार है !
तो सबका सच एकसाथ दिखाये !!

🔨🔨🔨🔨🔨🔨🔨🔨🔨🔨🔨

आजकल बहुत से लोग हैं
जिन्हें "पिज्जा"
खाने में बड़ा मज़ा आता है .

चलिये पिज्जा पर एक नज़र डालें >>
पिज्जा बेचनेवाली कंपनियाँ

"Pizza Hut, Dominos,
KFC, McDonalds,
Pizza Corner,
Papa John’s Pizza,
California Pizza Kitchen,
Sal’s Pizza"

ये सब कम्पनियॉ अमेरिका की है
आप चाहे तो
Wikipedia पे देख सकते हो.

Note:- पिज्जा मे टेस्ट लाने के लिये
E-631 flavor Enhancer
नाम का तत्व मिलाया जाता है

वो सुअर के मॉस से बनता है
आप चाहो तो Google पे देख लो.

Sahi lage to is msg ko
aage failaye.

● सावधान मित्रों अगर खाने पीने
कि चीजों के पैकेटो पर निम्न कोड
लिखे है तो उसमें ये चीजें मिली हुई है.

E 322 - गाये का मास
E 422 - एल्कोहोल तत्व
E 442 - एल्कोहोल तत्व ओर कमिकल
E 471 - गाय 🐄का मास ओर एल्कोहोल तत्व
E 476 - एल्कोहोल तत्व
E 481 - गाय ओर सुर के मास🐖 ए संगटक
E 627 - घातक केमिकल
E 472 - गाय + सुर + बकरी 🐄+🐂+🐖+🐐 के मिक्स मास के संगटक
E 631 - सुर कि चर्बी का तेल

● नोट -
ये सभी कोड आपको ज्यादातर
विदेशी कम्पनी जैेसे :-
चिप्स , बिस्कुट , च्युंगम,
टॉफी ,कुरकुरे ओर मैगी
आदि में दिखेगे l

● ध्यान दे ये अफवह नही
बिलकुल सच है अगर यकीन नही
हो तो इंन्टरनेट गुगल पर सर्च कर लो.

● मैगी के पैक पे ingredient में देखें , flavor (E-635 ) लिखा मिलेगा.

● आप चाहे तो google पर देख
सकते है इन सब नम्बर्स को:-

E100, E110, E120, E140, E141, E153, E210, E213, E214, E216, E234, E252, E270, E280, E325, E326, E327, E334, E335, E336, E337, E422, E430, E431, E432, E433, E434, E435, E436, E440, E470, E471, E472, E473, E474, E475, E476, E477, E478, E481, E482, E483, E491, E492, E493, E494, E495, E542, E570, E572, E631, E635, E904.

आप सबसे निवेदन है की
चुटकले भेजने की बजाय यह
सन्देश सबको भेजे ताकि लोग
जान सके ।